Tuesday, March 15, 2011

उ ० प्र ० राजनीति विज्ञान परिषद् कार्यकारिणी की बैठक

  1. 'उत्तरप्रदेशराजनीतिविज्ञान परिषद्' की प्रदेशीय कार्यकारिणी की एक बैठक दिनांक-13 मार्च 2011 कोदयानन्द वैदिकस्नातकोत्तरमहाविद्यालय, उरईमेंसम्पन्नहुई।


(बांये से -- डॉ0 कपिल वाजपेयी, डॉ0 राजीव रतन द्विवेदी, डॉ0 आदित्य कुमार)
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बैठक
की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ0 आदित्य कुमार ने की। परिषद् के महामंत्री डॉ0 कपिल वाजपेयी, डी0 ए0 वी0 कॉलेज, कानपुर ने बताया कि गत् वर्ष के निर्वाचन के बाद नवीन कार्यकारिणी ने लगभग मृतप्राय पड़े इस संगठन को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। इस क्रम में परिषद के पंजीकरण का नवीनीकरण कराया गया है। परिषद की ओर से प्रकाशित होने वाले जर्नल को भी फिर से प्रकाशित किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस हेतु एक कदम आगे बढ़ाते हुए इसके लिए अनिवार्यतः माना जाने वाला आई0 एस0 एस0 एन0 (ISSN) भी प्राप्त कर लिया गया है। शीघ्र ही यह जर्नल प्रकाशित होकर पाठकों के समक्ष होगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश भर में जहां कहीं भी सेमीनार/गोष्ठियां आदि हो रहे हैं वहां परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री के पहुंचने का प्रयास करते हैं और अभी तक यथासम्भव लगभग सभी स्थानों पर उपस्थित भी हुए हैं।


(बांये से -- डॉ0 कपिल वाजपेयी, डॉ0 राजीव रतन द्विवेदी, डॉ0 आदित्य कुमार)
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अध्यक्ष
डॉ0 आदित्य कुमार ने कहा कि किसी भी संस्था को जीवन्त बनाने के लिए सदस्यों के बीच आपसी संवाद तथा सहयोग आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न अंचलों में परिषद की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। परिषद एवं उसके सदस्यों के अकादमिक क्रियाकलापों एवं उपलब्धियों को इंटरनेट पर परिषद की बेबसाइट (www.uppolscience.com) तथा ब्लॉग U.P. Political Science Association (http://uppolscience.blogspot.com) के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। इससे परिषद के सदस्यों के साथ-साथ अधिसंख्यक लोगों को परिषद की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो सके।


(बांये से-- डॉ0 किशन यादव, डॉ0 शशि पुरवार,
डॉ
0 कपिल वाजपेयी, डॉ0 राजीव रतन द्विवेदी)
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डॉ
0 भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ0 रिपुसूदन सिंह ने परिषद की अब तक की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया तथा इसे और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।


(बांये से-- डॉ0 प्रवीण कुमार, डॉ0 रिपुसूदन सिंह, डॉ0 किशन यादव)
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बैठक
में परिषद के उपाध्यक्ष, डॉ0 प्रवीण कुमार, मेरठ, झांसी से डॉ0 किशन यादव, कालपी से डॉ0 शशि पुरवार तथा बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ-बूटा- के अध्यक्ष डॉ0 राजीव रतन द्विवेदी ने भी अपने सम्बोधन के माध्यम से सुझाव व्यक्त किये। इस अवसर पर सुभाष चन्द्रा, राघवेन्द्र द्विवेदी, डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर भी उपस्थित रहे। बैठक के अन्त में परिषद के अध्यक्ष डॉ0 आदित्य कुमार ने सभी कार्यकारिणी सदस्यों को स्मृति-भेंट प्रदान की।


(स्मृति भेंट स्वीकारते डॉ0 कपिल वाजपेयी)
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(स्मृति भेंट स्वीकारते डॉ0 प्रवीण कुमार)
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(स्मृति भेंट स्वीकारते डॉ0 राजीव रतन द्विवेदी)
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(स्मृति भेंट स्वीकारतीं डॉ0 शशि पुरवार)
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(स्मृति भेंट स्वीकारते डॉ0 रिपुसूदन सिंह)
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(स्मृति भेंट स्वीकारते डॉ0 किशन यादव)

Wednesday, March 2, 2011

दयानद वैदिक कालेज उरई में राष्ट्रीय सेमिनार

दयानंद वैदिक कालेज उरई में दिनांक १३-१४ मार्च २०११ को
वैश्विक परिपेक्ष्य में आतंकवाद की अवधारणा और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव

विषय पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग , नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय अंतर्विषयक अखिल भारतीय शोध सेमिनार का आयोजन करने जा रहा है ! जिसमे सभी शिक्षकों व शोधार्थियों की सहभागिता आमंत्रित है .सेमिनार के आयोजन सचिव डा ० वीरेंद्र सिंह यादव है ।
मो-09415924888
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अम्बेदकर दर्शन पर राष्ट्रीय सेमिनार


डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक दर्शन
(सर्व धर्म समभाव के विशेष संदर्भ में)
डॉ0 भीमराव अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित
तथा
यूजीसी द्वारा राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी
स्थान- कालपी कॉलेज, उत्तर प्रदेश
दिनांक - 01-02 मार्च २०११
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‘‘वर्तमान में भी डॉ0 अम्बेडकर के विचारों की प्रासंगिकता समाप्त नहीं होती है वरन् आज के सामाजिक संदर्भों में उनकी प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। जब तक मानव जाति रहेगी तब तक उनके विचारों का महत्व कम नहीं होगा, यह और बात है कि हम उनके विचारों को आत्मसात नहीं कर पा रहे हैं।’’ उक्त विचार बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के राजनीतिविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ0 रिपुसूदन सिंह ने कालपी कॉलेज, कालपी के दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

डॉ0 रिपुसूदन सिंह
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उत्तर
प्रदेश के कालपी कॉलेज में स्थित डॉ0 भीमराव अम्बेडकर अध्ययन केन्द्र द्वारा आयोजित तथा यूजीसी द्वारा प्रायोजित ‘डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक दर्शन-सर्व धर्म समभाव के विशेष संदर्भ में’ विषयक सेमिनार को सम्बोधित करते हुए डॉ0 रिपुसूदन सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने समाज को दिशा देने का कार्य किया और धर्म आधारित व्यवस्था का विरोध किया।

सेमिनार के उद्घाटन सत्र पर मंचासीन अतिथि
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वेदान्त कॉलेज, लखनऊ से आये डॉ0 ब्रजेश कुमार ने कहा कि किताबी ज्ञान की नहीं आज व्यावहारिक ज्ञान की आवश्यकता है। बाबा साहब ने इसे प्रमाणित भी किया था।

डॉ0 ब्रजेश कुमार
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महाविद्यालय के प्रबन्धक डॉ0 अरुण महरोत्रा ने कहा कि कालपी की पावनता और ऐतिहासिकता को अंग्रेजों ने नष्ट कर दिया था उसी तरह से डॉ0 अम्बेडकर के विचारों का गलत उपयोग भारतीय अंग्रेजों ने किया। उनके मूल्यों और सिद्धान्तों को वर्तमान में राजनैतिक स्वार्थपूर्ति के लिए उपयोग किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्रबंधक -- डॉ0 अरुण महरोत्रा
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प्रथम तकनीकी सत्र पर मंचासीन अतिथि
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प्रथम तकनीकी सत्र में दयानन्द वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राजनतिविज्ञान विभागाध्यक्ष तथा उ0प्र0 राजनीतिविज्ञान परिषद के अध्यक्ष डॉ0 आदित्य कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहब के सम्पूर्ण चिन्तन को स्वतन्त्रता, समानता और बंधुत्व जैसे तीन शब्दों में समाहित किया जा सकता है। उनको आज इसी रूप में प्रासंगिक भी माना जा सकता है।

उ0प्र0 राजनीतिविज्ञान परिषद के अध्यक्ष डॉ0 आदित्य कुमार
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डॉ0 अम्बेडकर विचारधारा के प्रबल प्रचारक डॉ0 रामाधीन ने विचार व्यक्त करते हुए डॉ0 भीमराव अम्बेडकर के सम्पूर्ण जीवन-चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे मानवीय पक्ष के समर्थक थे और इसी कारण से उन्होंने आरक्षण की दुर्दशा को देखते हुए इसका विरोध भी किया था। आज उन्हीं का समर्थक होने का दावा करने वाले बाबा साहब के विचारों का उपहास उड़ा रहे हैं।

डॉ0 रामाधीन
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सेमिनार में साकेत महाविद्यालय, फैजाबाद के डॉ0 मनोज, उ0प्र0 राजनीति विज्ञान परिषद् के मंत्री डॉ0 कपिल वाजपेयी, डीएवी कानपुर के डॉ0 योगेन्द्र प्रताप सिंह, एम0पी0 कॉलेज कोंच के डॉ0 टी0आर0निरंजन, डॉ0 जयशंकर तिवारी, डी0वी0कॉलेज, उरई के डॉ वीरेन्द्र सिंह यादव, गांधी महाविद्यालय, उरई के डॉ0 राकेश नारायण द्विवेदी, डॉ0 शिवशंकर पटेल, डॉ0 सुमन, डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर, समाजसेवी सुभाष चन्द्रा सेमिनार में उपस्थित रहे।

संचालन करती डॉ0 शशि पुरवार
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इसके
पूर्व सेमिनार में विषय प्रवर्तन कॉलेज के डॉ0 एम0 सिंह ने किया तथा संचालन डॉ0 शशि पुरवार ने किया। सेमिनार में आये अतिथियों का स्वागत कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण के द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह
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आभार प्रदर्शन कॉलेज की प्रबन्धकारिणी के सदस्य डॉ0 मैहर जी ने किया।

कॉलेज की प्रबन्धकारिणी के सदस्य डॉ0 मैहर
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अतिथियों का स्वागत
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सेमिनार
में महाविद्यालय के डॉ0 डी0पी0 सिंह, डॉ0 मधुप्रभा, डॉ0 सुधा गुप्ता, डॉ0 कौशल्या, डॉ0 राधारानी, डॉ0 रीता सिंह, डॉ0 संतोष पाण्डेय, डॉ0 विनीत, डॉ0 सोमचन्द्र, डॉ0 पंकज, डॉ0 अमित आदि सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी, मीडियाकर्मी, नगर के गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Sunday, January 2, 2011

मंगलमय हो नव वर्ष


राजनीति विज्ञान के समस्त शिक्षकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ।
सूर्य की पहली किरण आपको मिले;
धुंध में भी आचरण आपको मिले ;
है कामना यही इस अंतर्हृदय की ,
सफलता का हर चरण आपको मिले।
डा ० आदित्य कुमार
अध्यक्ष .उ ० प्र ० राजनीति विज्ञान परिषद

Wednesday, December 8, 2010

उत्तर प्रदेश में गोष्ठियां एवं सेमिनार

वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग,भारत सरकार के सौजन्य से बाबा साहब अम्बेदकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में 'शब्दावली गोष्ठी '(२८ -२९ अक्तूबर २०१०) संपन्न




लखनऊ । अम्बेदकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय ,लखनऊ में २८ -२९ अक्टोबर २०१० को दो दिवसीय शब्दावली गोष्ठी "समाज विज्ञानों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली का प्रयोग " विषय पर विश्वविद्यालय के हिंदी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में संपन्न हुई जिसमें अनेक विद्वानों शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने सहभागिता की ।
आयोजन का उदघाटन अम्बेदकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो ० वी ० हनुमय्या ने किया । इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के सहायक निर्देशक प्रो० धर्मेन्द्र कुमार एवं वैज्ञानिक अधिकारी डा ० संतोष कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आयोग के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला । आयोजन के निर्देशक एवं प्रभारी , हिंदी प्रकोष्ठ डा ० रिपु सूदन सिंह (अध्यक्ष ,राजनीति विज्ञान ,अम्बेदकर विश्वविद्यालय ) ने समाज विज्ञानों में वैज्ञानिक शब्दावली के प्रयोग को समय की आवश्यकता बताया ।
यह आयोजन २८ -२९ अक्तूबर को चार सत्रों में संपन्न हुआ । इन सत्रों में अध्यक्ष मंडल के सदस्यों के रूप में प्रो ० एम० पी ० वर्मा ,B B A U ,लखनऊ ;प्रो ० माहेश्वरी प्रसाद ,B H U; डा० आदित्य कुमार ,अध्यक्ष ,उत्तर प्रदेश राजनीति विज्ञान परिषद ;प्रो० पी एन शुक्ल ,भोपाल ;डा ओ सूरज बहादुर थापा एवं ,डा० तिवारी ,लखनऊ ने सहभागिता की ।
Resource persons थे - वं प्रो ० बी ० के ० तिवारी ,लखनऊ ;श्री बृजेश कुमार, प्रो ० राजेन्द्र गौतम ,लखनऊ ; प्रो टी ० एन ० शुक्ल ,भोपाल ; डा ० अनिल कुमार वर्मा ,कानपूर ;डा ० ओ ० पी ० अग्रवाल ,दिल्ली;डा ० सुधीर कुमार आजमगढ़ ; डा ० वीरेंद्र सिंह यादव,संपादक ,कृतिका ,उरई 'ए डा ० विनी जैन ,आगरा।
अकादमिक सत्रों का संचालन डा ० जया श्रीवास्तव ,लखनऊ ,डा ० राम प्रताप सिंह ,उरई ,डा ० संध्या सिंह ,लखनऊ; डा ० संजय सिंह ,लखनऊ एवं डा ० सुधीर कुमार सुथार ,BBAU,लखनऊ ने किया ।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि BBAU के डीन महोदय ने आयोजन के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की । कार्यक्रम के निर्देशक डा ० रिपु सूदन सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए आभार व्यक्त किया।
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स्वामी शुकदेवानंद कालेज ,शाहजहांपुर में राष्ट्रीय सेमिनार


स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय ,शाहजहांपुर ,उ ० प्र ० में राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में १५-१६ नवम्बर २०१० को एक राष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हुआ जिसका विषय था -
"Awareness Of human Rights and their Observance is the Hallmark of Good policy."

इस सेमीनार के निर्देशक थे डा ० आदित्य सिंह , अध्यक्ष ,राजनीति विज्ञान विभाग ,एस ० एस ० कालेज ,शाहजहांपुर । इस सेमिनार में अनेक शिक्षकों व शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। आयोजन में डा ० शालीन कुमार सिंह ,डा ० यादव सहित अनेक शिक्षकों का योगदान रहा।

Monday, April 26, 2010

उ ० प्र ० राजनीति विज्ञान परिषद् की कार्यकारिणी की बैठक

कानपुर विश्वविद्यालय परिसर में परिषद् की बैठक दिनांक २३ अप्रेल २०१० को अध्यक्ष डा ० आदित्य कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें निम्नाकित विन्दुओं पर विचार किया गया -

१. दिनांक २० फरवरी को परिषद् कार्यकारिणी की कार्यवाही की पुष्टि की गयी ।
२. परिषद के पंजीकरण की प्रक्रिया में के लिये डा ० प्रवीण कुमार ( मेरठ ) को अधिकृत किया गया ।
३.परिषद् द्वारा प्रकाशित journal 'U P Journal Of Political Science ' को पुनः अपने पुराने स्तर के अनुरूप प्रकाशित करने की आवश्यकता को महसूस करते हुए कार्यकारिणी के सदस्यों ने गहन मंथन किया। Chief Editor डा .आशुतोष सक्सेना को निर्देशित किया गया कि वे गत कार्यकारिणी में किये निर्णय के अनुसार अतिशीघ्र संपादन मंडल ,परामर्श मंडल एवं प्रबंधमंडल का गठन वरिष्ठ एवं सक्रिय साथियों से विचार -विमर्श कर अध्यक्ष को सूचित करें। Journal की आजीवन सदस्यता एक हजारनिर्धरित की गयी ।एवं इसके एकत्रीकरण के लिये सदस्यों से सहयोग की अपील की गयी ।

४. परिषद् को प्रदेशव्यापी आधार देने एवं सक्रिय करने के उददेश्य से गत कार्यकारिणी द्वारा' विशेष आमंत्रित सदस्यों' डा . के रूप में स्वीकृत निम्नाकित नामों की पुष्टि की गयी-

डा .अशोक उपाध्याय (B H U), डा .आर .के. मिश्रा एवं डा .एस .के .द्विवेदी ( लखनऊ वि , .वि .),डा .आलोक पंत ( इलाहाबाद वि .वि .),डा .रिपु सूदन सिंह ( अम्बेदकर केन्द्रीय वि. वि . लखनऊ ), डा.नन्द लाल ( काशीविद्यापीठ ,बनारस ),डा .शैलेश मिश्र ( सम्पूर्णानन्द संस्कृत वि .वि . बनारस ),डा .अनिल कुमार वर्मा,डा .कुलदीप नारायण श्रीवास्तव ,डा .रंजन कुमार एवं डा .मृदुलता मिश्रा,डा. बी एन .तोदरिया ,डा.एस .सी मिश्र , ( कानपुर वि .वि .), डा .सुधीर कुमार,डा . के ड़ी सिंह , डा .सुनील कुमार ( पूर्वांचल वि .वि .),डा .वी .जी .श्रीवास्तव, डा.एस .के .कपूर, डा .शशि पुरवार ,डा. राजीव रतन द्विवेदी , डा .के .बी राम ( बुन्देलखंड वि .वि.), डा .पी एन .शर्मा ,डा .महेंद्र निगम ( आगरा वि.वि.),डा.ओ .पी सिंह ( बलरामपुर ),डा .नागेश्वर शुक्ल ( बरेली ), डा .राम लोचन यादव ( चुनार ) ,डा .बृजेश कुमार एवं डा .धीरेन्द्र कुमार ।

५ . कार्यकारिणी के रिक्त पदों पर कार्यकारिणी की पूर्व बैठक में प्रस्तावित निम्नाकित नामों की पुष्टि की गयी-

जोनल सचिव -डा. अरुणोदय बाजपेयी ;

कार्यकारिणी सदस्य - डा .रजनीकांत श्रीवास्तव,डा .किशन यादव ,डा .विनी जैन एवं डा . वी .सी .कौशिक

बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए डा. आदित्य कुमार ने परिषद् को सक्रिय बनाने एवं उसे एक अकादमिक मंच के रूप में विकसित करने के लिये प्रदेश के सभी अंचलों के प्राध्यापकों से सहयोग का आवाहन किया । बैठक का संचालन महामंत्री डा .कपिल बाजपयी ने किया ।